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चुनावी शांति के सूत्रधार, एसपी अरविंद प्रताप सिंह भी सम्मान के हकदार

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान समस्तीपुर जिले में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित कराने में जिला पुलिस की भूमिका बेहद अहम रही। कानून-व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और संवेदनशील क्षेत्रों में सख्त लेकिन संतुलित कार्रवाई के जरिए समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) अरविंद प्रताप सिंह ने जिस कुशलता से जिम्मेदारी निभाई, वह उन्हें भी राष्ट्रीय स्तर के सम्मान का योग्य बनाती है।
चुनाव के दौरान समस्तीपुर जिले को संवेदनशीलता के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन एसपी अरविंद प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन ने हर स्तर पर पुख्ता रणनीति के साथ काम किया। बूथों की सुरक्षा, फ्लैग मार्च, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई और त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम ने जिले में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रण में रखा।

सुरक्षा व्यवस्था में अनुकरणीय कार्यशैली

चुनाव से पहले ही एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने अपराधियों, उपद्रवियों और चुनाव प्रभावित करने वाले तत्वों पर विशेष अभियान चलाया। वारंटियों की गिरफ्तारी, शराब माफिया और हथियार तस्करों पर कार्रवाई तथा सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त बल की तैनाती से चुनावी माहौल को सुरक्षित बनाया गया। इसका असर यह रहा कि मतदान के दिन कहीं से भी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं आई।
पुलिस बल की तैनाती से लेकर पेट्रोलिंग, क्यूआरटी टीम, सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ समन्वय और कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग—हर स्तर पर एसपी की रणनीति साफ नजर आई। मतदान के दौरान मतदाताओं में सुरक्षा का भरोसा दिखा, जिससे मतदान प्रतिशत पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा।

प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय

चुनाव को सफल बनाने में जिला प्रशासन और पुलिस के बीच तालमेल बेहद महत्वपूर्ण रहा। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्था को चुनावी प्रक्रिया का मजबूत स्तंभ बनाया। यही वजह रही कि समस्तीपुर शांतिपूर्ण और अनुशासित चुनाव कराने वाले जिलों में शामिल हुआ।

जनता और पुलिस के बीच विश्वास

एसपी अरविंद प्रताप सिंह की कार्यशैली केवल सख्ती तक सीमित नहीं रही। उन्होंने पुलिस को जनता के प्रति संवेदनशील रहने का निर्देश दिया, जिससे आम मतदाता बिना किसी भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। यह विश्वास ही लोकतंत्र की असली ताकत है, जिसे उन्होंने जमीन पर उतारकर दिखाया।

सम्मान के योग्य योगदान

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी चुनाव की सफलता केवल प्रशासनिक प्रबंधन से नहीं, बल्कि मजबूत कानून-व्यवस्था और निष्पक्ष सुरक्षा व्यवस्था से तय होती है। इस कसौटी पर एसपी अरविंद प्रताप सिंह का योगदान पूरी तरह खरा उतरता है। यदि समस्तीपुर को चुनावी उत्कृष्टता के लिए पहचान मिल रही है, तो उसमें जिला पुलिस की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि,
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में समस्तीपुर की सफलता प्रशासन और पुलिस—दोनों की साझा उपलब्धि है। जहां डीएम रोशन कुशवाहा का नेतृत्व प्रशासनिक स्तर पर सराहनीय रहा, वहीं एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर मजबूत ढाल बनकर लोकतंत्र की रक्षा की। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि एसपी अरविंद प्रताप सिंह भी इस उपलब्धि के लिए सम्मान के उतने ही हकदार हैं।

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